कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉक-डाउन की स्थिति में दूसरे राज्यों में फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों की प्रदेश में वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार द्वारा दूसरे राज्यों से लोटे श्रमिको को उनके कौशल के अनुरूप उद्योगों, नियोजनों, निर्माण कार्यों आदि में कार्य देने के लिये 'रोजगार सेतु' योजना प्रारंभ की गयी है। इस प्रकार की योजना बना कर लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।



ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दूसरे राज्यों से लोटे श्रमिको को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोजगार सेतु योजना की शुरआत की है। सभी श्रमिकों को उनके लोशल के अनुसार रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सभी प्रवासी श्रमिकों का एक ऑनलाइन डेटाबेस बनाया जा रहा है।

'रोजगार सेतु’ योजना के अंतर्गत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतो एवं शहरी क्षेत्रों के वार्ड कार्यालयों द्वारा कुशल व अकुशल प्रवासी श्रमिकों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। लोकडाउन के पूर्व जो श्रमिक अन्य राज्यो में कारखानों, उद्योगों, नियोजनों में नियोजित थे उनका भी सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण के समय उनके उनके पूर्व नियोजन तथा कोशल की जानकारी भी प्रवासी श्रमिक पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज को जा रही है। पोर्टल पर सभी डेटाबेस बनाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इस योजना के माध्यम से दूसरे राज्यों से लौटने वाले श्रमिकों को बहुत राहत प्राप्त होगी। सभी श्रमिकों को इस योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं को इस योजना के अंतर्गत पंचायत / वार्ड कार्यालय के माध्यम से पंजीकृत होना होगा


“रोजगार सेतु" पोर्टल पर संस्थान, उद्योगों, कारखानों, नियोजनों आदि के पंजीयन के सुविधा भी है। पंजीयन उपरांत सभी नियोजक अपनी प्रवासी श्रमिकों के डेटाबेस से आवश्यकतानुसार अपने क्षेत्र के कौशल के अनुसार श्रमिकों का चिंहांकन कर उन्हे रोजगार दे सकते हैं।

“रोजगार सेतु" पोर्टल के माध्यम से कुशल मजदूरों को उनके कौशल के अनुसार उनके ही गाँव/शहर के उचित रोजगार कार्य सकेगा।


उद्योगों, नियोजनों, निर्माण कार्यो में संलग्न नियोजको को भी अपने ही क्षेत्र के स्थानीय कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Previous Post Next Post