किसान ऋण के लिए 30 हजार करोड़ रुपये-विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज 


किसानाे के ऋण के लिए 30 हजार करोड़ रुपये कोरोना संक्रमण रोकने के लिए देश भर में चल रहे लॉक डाउन में देश के सभी वर्गों के व्यक्तियों एवं किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है | इस आर्थिक चुनौती का सामना करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने 12 मई 2020 को भारत की जीडीपी के 10% के बराबर लगभग २० लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की घोषणा की।

माननीय प्रधान मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभों 
जैसे - 
1. अर्थव्यवस्था 
2. अवसंरचना
3.  प्रणाली
4. युवा आबादी या शक्ति और 
5. मांग 
को भी रेखांकित किया। इसके बाद 13 मई को वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने प्रवासियों, किसानों, छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी वालों सहित गरीबों की सहायता के लिए अल्‍पकालि‍क और दीर्घकालिक उपायों की घोषणा की | इस घोषणा में किसानों के लिए आसानी से ऋण उपलब्ध करवाने की बात भी कही गई |

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी सदैव ही प्रवासी श्रमिकों और किसानों सहित गरीबों की कठिनाइयों को लेकर चिंतित रहते हैं। किसान और श्रमिक इस राष्ट्र की रीढ़ हैं। वे कड़ी मेहनत कर हम सभी के लिए कार्य  करते हैं। प्रवासी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के अलावा शहरी क्षेत्रों में किफायती और सुविधाजनक किराये वाले आवास की आवश्यकता होती है। प्रवासी और असंगठित कामगारों सहित गरीबों के लिए रोजगार अवसर सृजित करने की भी जरूरत है। किसानों को समय पर और पर्याप्त ऋण सहायता की आवश्यकता है। सरकार द्वारा किसानों, छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी वालों सहित गरीबों की सहायता के लिए अल्‍पकालि‍क और दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है |

किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आपातकालीन कार्यशील पूंजी 


आर्थिक पैकेज के तहत ग्रामीण सहकारी बैंकों और आरआरबी की फसल ऋण आवश्यकता को पूरा करने के लिए नाबार्ड 30,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त पुनर्वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी । यह पुनर्वित्त फ्रंट-लोडेड (असमान रूप से आवंटित) और मांग के अनुसार प्राप्य होगा। यह 90,000 करोड़ रुपये से अतिरिक्‍त राशि है, जो सामान्यत: इस क्षेत्र को नाबार्ड द्वारा प्रदान की जाएगी। इससे लगभग 3 करोड़ किसानों को फायदा होगा, जिनमें ज्यादातर छोटे और सीमांत हैं और इससे उनकी रबी की फसल कटाई के बाद और खरीफ की मौजूदा जरूरते पूरी होंगी। 




किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये का ऋण 


इसके तहत पीएम-किसान सम्‍मान निधि योजना के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से रियायती ऋण प्रदान करने के लिए एक विशेष अभियान है। मछुआरे और पशुपालक किसान भी इस अभियान में शामिल किए जाएंगे। इससे कृषि क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी आएगी।  इसके तहत 2.5 करोड़ किसानों को कवर किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन आजीविका को समर्थन देने वाली एक गतिविधि हैं | देश की एक बड़ी आबादी मधुमक्खी पालन से जुडी हुई है | मधुमक्खी पालन से ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ रोजगार का साधन प्राप्त होता है वहीँ परागण के माध्यम से फसलों से होने वालो आय और गुणवत्ता में भी वृधि होती है साथ ही मधुमक्खी पालन से शहद और मोम जैसे उत्पाद भी प्राप्त होते हैं |

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